प्रदेश के राष्ट्रीय पार्क और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में लगातार गश्त जारी रखने का आदेश जारी किया गया है। गश्त में शामिल कर्मियों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है। इसलिए वनकर्मी सैनिटाइज होकर जंगल में गश्त कर रहे हैं।
लॉकडाउन के बीच अवैध शिकार के मामले सामने आने पर वन्यजीवों की सुरक्षा का दबाव बढ़ गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और नेशनल जू अथारिटी की ओर से वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अब मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने भी वन अधिकारियों से कहा कि जंगलों में किसी भी तरह से गश्त न रोकी जाए।
प्रदेश में छह राष्ट्रीय पार्क, सात वन्यजीव विहार और चार संरक्षण क्षेत्र हैं। प्रदेश में बाघों की संख्या करीब 442 और हाथियों की संख्या करीब 1836 है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संरक्षित क्षेत्रों में आवाजाही रोक दी गई है, लेकिन अब 11 अप्रैल तक सघन पेट्रोलिंग अभियान का आदेश भी जारी किया गया है। इसका कारण यह भी है कि हाल ही में एक पोचिंग का मामला भी सामने आया है।