कोरोना को लेकर एहतियात बरते जा रहे हैं। अब लखनऊ के हाईकोर्ट परिसर में बिना जांच के प्रवेश नहीं मिलेगा। थर्मल स्कैनर से पड़ताल के बाद ही वकील व अन्य लोग अंदर जा सकेंगे। वहीं, जांच में कोई संदिग्ध मिला तो उसे नजदीकी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाएगा।
इसके लिए सीएमओ कार्यालय से तीन टीमें बनाई गई हैं। इसमें डॉक्टर- टेक्नीशियन की ड्यूटी भी लगाई गई है। मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की बेंच ने सोमवार को सरकार से हाईकोर्ट परिसर में वादकारियों और बाहर से आने वालों की जांच के लिए हर गेट पर थर्मल स्कैनर लगाने के साथ डॉक्टर-स्टाफ को मुस्तैद करने के आदेश दिए थे। गुरुवार से सीएमओ ने हर शिफ्ट में चार-चार कर्मचारी व डॉक्टर तैनात कर दिए।
इसके लिए सीएमओ कार्यालय से तीन टीमें बनाई गई हैं। इसमें डॉक्टर- टेक्नीशियन की ड्यूटी भी लगाई गई है। मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की बेंच ने सोमवार को सरकार से हाईकोर्ट परिसर में वादकारियों और बाहर से आने वालों की जांच के लिए हर गेट पर थर्मल स्कैनर लगाने के साथ डॉक्टर-स्टाफ को मुस्तैद करने के आदेश दिए थे। गुरुवार से सीएमओ ने हर शिफ्ट में चार-चार कर्मचारी व डॉक्टर तैनात कर दिए।